मज़बूर
बिछुड़ गये राहों मेंदिल से न जा पाओगीआंखों में आंसू याद केमुझे सौंप कर चली गयी तुम जिन्दगी भर याद आओगीमरते दम तक , तुमको कैसे भूल पांऊगाजीना मुझे मज़बूर हैज़ीने को मज़बूर कर दिया है तुमने।
No comments:
Post a Comment