Tuesday, December 23, 2008
स्मृतियां
स्मृतियां
मुझे मालूम न था
यकीन भी न हुआ
छोड़कर चल दिये एक पल में
तुम्हारी यादों के फूल
मेरे दिल में महक रहे है।
स्मृतियों के आकाश पर
तारे बन चमक रहे हैं ।
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
About Me
Dr. S. BASHEER
A POET OF DEVOTED THINKING FOR INSPIRATION
View my complete profile
Visitors Online
Feedjit Live Blog Stats
Welcome Visitors!
Blog Archive
►
2009
(4)
►
December
(1)
►
June
(1)
►
May
(2)
▼
2008
(17)
▼
December
(17)
यादों की लहरें
हृदयांजली
मज़बूर
मुस्कान
धडकन
तस्वीर
स्मृतियां
गूंज
अभिनंदन
ओ जाने वाले
तमन्ना
तबादला
संपत्ति
तकदीर
एहसास
दास्तान
चुनौती
Followers
No comments:
Post a Comment