यह कैसी दिल की लगी है
जब तुझ से आखॅं मिली है।
सॉंसों को नयी जिंदगी मिली है,
आहों के मंदिर में रोशली खिली है।
हमारी जिंदगी तुम्हारे साथ में
अब जो कुछ भी होगा तुम्हारे हाथ में।
जब सूरज निकलता है तुम्हारी याद आती है,
जब चादॅं निकलता है तुम्हारी याद सताती है।
तुम्हारी एक नज़र से मेरी जिंदगी बदल गयी,
तुम्हें भूलने की कोशिश में हम खुद कों भूल गये।
अनजान राहों में भटकते रह गये,
तुम्हारे दीदार केलिए मन बेचैन किये है।
दिल के करार केलिए एतबार किये है,
मेरी मोहब्बत में फनाह है, गुनाह नहीं,
यह रूह के रिश्ते हैं,कोई पागलपन के कस्में नहीं।
फूलों की खुशबू से
झरनों के सरगम से
कोयल की कूक से
शायर की ग़ज़ल से
तुम्हें हमेशा मैं महसूस करता हूं,
तुम्हें मैं दिल के पास रखता हूं।
अनमोल अमानत मानता हूं।
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