Tuesday, December 23, 2008

अभिनंदन

अभिनंदन

घर के आँगन में दीप झिलंमिलायें
घर के छत पर तारे टिम –टिमायें
जीवन के हर मोड पर
खुशियों की बरसात रहे ।
दुआ है कि एक दूजे सदा
सुख,शांति व समृद्धि से रहे
जीवन में रहे सदा मधुमास
घर के आँगन में खुशबू के
रंग-बिरंगे फूल खिलते रहे
बच्‍चों से घर आँगन खिल-खिल उठे
आप जियें हज़ारों साल
यही दुआ है हमसबकी ।
आपके चले जाने के बाद
अचानक मैं ने एक मित्र का
हमारे शादी के सालगिरे पर
भेजा अभिनंदन पत्र, पढ़ा तो
आंसू टप-टप गिर गये
आंसुओ से पत्र ही नहीं सीना भी भीग गया।
अक्षर सब धूमिल हो गये,
दिल भी बेचेन हो गया।

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