Showing posts with label Sansmaran. Show all posts
Showing posts with label Sansmaran. Show all posts

Tuesday, December 30, 2008

यादों की लहरें


दिल से आपको न पाते,
आँखों में आँसू न रुकते,
दिल के दरियां में यादों की लहर उठतीं,
जब याद आप की आती है,
हमें दिन रात सताती है।
आपकी कमी आँखों को नमी कर गयी,
बिदाई, हमें जीवन भर खटकती है,
फिर भी, इस गमगीन जीवन में,
आपकी जिंदा दिली ज़ीने का सबक सिखाती है,
तरक्‍की कर, मंजिल की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है,
गम में भी खुशी को तलाशने का सबक सिखाती है।
नव चेतना को जागृत कराती है।
***

छाया

कैसे हम भूल पाये आपको,
यादें कैसे मिठाये आपकी,
भूलने की कोशिश करना,
इस उम्र में हमें नसीब नहीं।
सर-सर हवा की आवाज आती,
झर-झर बारिश की बूंदें टपकती,
जब याद आपकी आती है !
सांसें कुछ देर रुक जातीं , दर्द बन कर
आँसुओ में बदल जाती,
बूँद – बूँद में आपकी छाया नज़र आती,
“रोना मत मेरे प्‍यारो !
बेकार क्‍यों आंसू बहाते हो ?
तुम्‍हारे आंसू बहाने से तो मैं
वापस न आऊँगी।
तकदीर की रीति तो जानते है न !
यह तो सच है! दुनिया का दस्‍तूर सब जानते है कि,
एक न एक दिन सबको जाना है,
जीना है तो मरना है जरूर।
फिर मौत से क्‍यों घबराते हो ?
मैं मरहूम नहीं हूँ।
मैं तो सदा तुम्‍हारे पास हूँ,
तुम्‍हारे साथ छाया बन कर
सदा मैं चलती हूं ।
अगर तुम आँसू बहाते हो, मैं तुम
से दूर जाऊँगी , कभी न लौट आऊंगी”।

***

याद

तुम नहीं इस दुनियां में
फिर भी तुम्‍हारी हंसी है
तुम्‍हारी हंसी से हमारे जीवन में मुस्‍कान है
तुम्‍हारी माया-ममता हमारे जीवन में छाये हैं
हम सबके दिलों दिमाग में
हमारे सोच - विचार में हमारी यादों में
हमारे पल पल के जीवन में
हमारे कण कण की साँसों में
दिन-रात में सुख-दुःख में
कांटों भरी राहों में दर्दनाक आहों में
तुम्‍हारी बहुत याद आती है।
दिन में सताती है, रात में रुलाती है।
***

रोशनी

जब तुम मेरे जीवन के दहलीज पर आयी,
हमने अपने को खुश नसीब माना
खुदा की रहमतों की बारिश हुई
जिक्र से हमें दुनिया के फिक्र सब दूर हुए
कांटों के रास्‍ते में खुशबूदार फूल खिले
जिंदगी की नैया संसार के सागर में, सुकून से चलती रही।
जब तुम्‍हारा साथ था।
हमसफर बन , जीवन सफर को सफल बनाया
लाखों तूफान आने पर भी
जीवन के कशमकश से , कभी घबराये न‍हीं
आंसू व मुस्‍कान का सफर
तकदीर का इनसाफ़ सबके लिए है बराबर
वक्‍त भी होता कभी इतना बेरहम
हमने ऐसा सोचा न था
तुम्‍हारे जाने के बाद हमें मालूम हुआ कि
तकदीर के आगे सारे काम हैं बेकार
इसलिए अब हम
तुम्‍हारे उसूल का पालन करेंगे
तुम्‍हारे ख्याल में घुल - मिल जायेंगे
तुम्‍हारे इरादों को हम मजबूत करेंगे
तुम्‍हारा मुस्कराता चेहरा
तुम्‍हारी आँखों की रोशनी को क्‍या हम भूल पायेंगे ?
नहीं कभी नहीं………..
***

इरादें

निराले तुम्‍हारे इरादे , सब पर स्‍नेह की वर्षा अपार
अब हम पर कौन रहेगा मेहरबान
कमी तुम्‍हारी सदैव रहेगी
उस कमी को कौन पूरा करेगा
यही सोचते-सोचते दिन बीत रहे हैं।
सबको छोड़ कर , दिलों को तोड़ कर
हमें दुःख के सागर में डूबो कर,
चली गयी बहुत दूर……..बहुत दूर।
हम तो कुछ नहीं कर सकते , तकदीर के आगे
बस ! तुम्‍हारी यादों को फूलों से समर्पण करते हैं,
आँसुओं से तर्पण करते है।
जीवन इसी तरह गुज़ार लेते है।
***

प्‍यार


पल भर न भुलाए , साँसें भी न चलीं
दिन न निकला, सूरज भी न ढला ,
ऐसा दिन न रहा कि तुम्‍हारी याद आई !
जब भी याद आई , आँखों को न रोक पाया मैं
तुम्‍हारे लिए बेमिसाल बेशुमार प्‍यार है
मेरे दिल में ।
क्‍या इस जनम में तुम को भूल पाएगें ?
अगर यह सच हो तो,
खुदा का शुक्रगुज़ार रहेंगे
क्‍या ऐसा मुनासिब हैं
ज़ीने का सहारा तो मुझे मिला।
हमेशा तुम्‍हारे दिल में दूसरों के प्रति प्‍यार
भरा था और भी
दूसरों को मदद करने की आदत, कोई तुम से सीख़लें
सबके दिलों में छा गयी थी
तुम्‍हारे जाने के बाद मुझ से भी ज्‍यादा आँसू बहने लगे।
***

श्रद्धा सुमन



सिर्फ यादें ही नहीं,
हमेशा तुम्‍हारे चरणों में
अर्पित करता हूं श्रद्धा सुमन
तुम्‍हारी रोशनी प्रज्वलित होती रहेगी
हमेशा ।
***

कामयाबी


गुलाब के मुरझाने पर भी
मिट्टी में महक रह जाती
तुम्‍हारे चले जाने पर भी दिल में याद रह गयी
तुम्‍हारी रूह तो इस धरती से बिदा ली
लेकिन तुम्‍हारी कामयाबी
दिन में फूल बन के महकती
रात में तारे बन चमकती हैं।
***

अलविदा


तुम दुनिया को अलविदा कहो
लेकिन मेरे दिल व दिमाग से नहीं
न होते हमसे कभी जुदा
जब तक तन में जान और आंखों में रोशनी
तब तक तुम्‍हें हम याद करते रहेगे
जब तक तन में जान हो
और आंखों की रोशनी हो।
जीवन के हर पल में मुझे खुश रखा
दुःख: देने पर भी
मुस्‍कुरायी और मदद करती रही तुम
छोड़कर चल दी बहुत दूर
जीवन भर आंसू बहाते रह गये हम।
***

हमदर्द


अय ! हमदर्द ! मेरे हम सफर ।
अब मेरा दर्द कौन दूर करेगा ?
मेरे साथ कौन सफर करेगा,
रास्‍ता कांटों से भरा है,
जीवन तो यातनाओं से मरा है,
मंजिल तो बहुत दूर है।
कांटों को नाश कर, कब गुलाब खिलेंगें ?
कौन मेरे आंसू पोछेगा पता नहीं ?
तुम तो अचानक गायब हो गई,
हमे वीरान में छोड़कर !
***

लगता नहीं कि, तुम चली गयी हमसे दूर
एहसास है कि तुम मेरे दिल के हो पास।
तुम्‍हारा ख्‍याल और नज़र
मुझे ज़ीने को करता है मजबूर ।
***

हर पल मुस्‍कुराती रही तुम
सुख-दुःख में भी स्‍नेह बरसाती रही तुम
छोड़कर साथ कहां चल दी तुम
जीवन भर याद आती रहोगी तुम ।
***