Tuesday, May 12, 2009

जुदाई

जैसे चाँद से चांदनी
सूरज से रोशनी
सागर से लहरें
फूलों से खुशबू
जुदा नहीं होतीं....
वैसे ही, तुम हमसे
कभी ज़ुदा नहीं हो सकती
हमारी यादों से खफ़ा नहीं
हमारी इरादों से जफ़ा नहीं हो सकती,
चाहे वक़्त और तक़दीर ने
हमें जुदा किया
हमारी यादों से वादों से
कोई जुदा नहीं कर सकते।
क्‍योंकि तुम हमारे दिल में बसी हो
हमें जिंदा-दिली से
जीने की प्रेरणा देती हो ।
हम तुम्‍हारी यादों के सहारे
जी रहे हैं।

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